सामान्य कर परिवर्जन रोधी नियम (General Anti Avoidance Rules (GAAR))

सामान्य कर परिवर्जन रोधी नियम (गार) टैक्स की जांच करने के लिए टैक्स से बचाव विरोधी नियमों का एक समूह है जिन का उल्लेख सबसे पहले प्रस्तावित प्रत्यक्ष कर संहिता (Direct Tax Code) 2010 में किया गया था परंतु कुछ क्षेत्रों से हुए विरोध के कारण इसे स्थगित कर एक समिति का गठन किया गया जिसके अध्यक्ष पार्थसारथी शोम थे। ये नियम 1 अप्रैल 2017 को लागू किए गए। Continue reading “सामान्य कर परिवर्जन रोधी नियम (General Anti Avoidance Rules (GAAR))”

UPPCS क्विज़-3

To Practice IBPS-PO aptitude questions, download Free Android App

UPPCS क्विज़-3

UPPCS क्विज़-1

UPPCS Quiz-1


Download Indian Polity MCQ Android App

UPSC सिविल सर्विस प्रीलिम्स क्विज़-2

UPSC सिविल सर्विस प्रीलिम्स क्विज़-2


Download Indian Polity MCQ Android App

UPSC सिविल सर्विस प्रीलिम्स क्विज़-1

यूपीएससी Quiz-1


Download Indian Polity MCQ Android App

भारत के पहले स्वतन्त्रता संग्राम, 1857 से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

विद्रोह के कारण

  1. आर्थिक कारण:

– अत्याधिक भूमि राजस्व कर

– हथकरघा उद्योग का विनाश

– अन्य व्यवसायों पर भारी कर

– भारत के उत्पादों के खिलाफ टैरिफ नीतियों में भेदभाव

– अंग्रेजों द्वारा भारत की धन सम्पदा की लूट

  1. ब्रिटिश द्वारा अपनाई गई नीतियां:

Continue reading “भारत के पहले स्वतन्त्रता संग्राम, 1857 से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी”

राष्ट्रपति की अध्यादेश लागू करने की शक्तियां: Ordinance making powers of the President

जब संसद के दोनों सदनों में से कोई एक सत्र में नहीं होता है और ऐसी स्थिति में कानून बनाने की ज़रूरत होती है, तब राष्ट्रपति ऐसी परिस्थितियों में कानून बना सकते हैं जिसे औपचारिक रूप से अध्यादेश के प्रख्याकरण के रूप में जाना जाता है। राष्ट्रपति की अध्यादेश लागू करने की शक्ति की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं: Continue reading “राष्ट्रपति की अध्यादेश लागू करने की शक्तियां: Ordinance making powers of the President”

भारत के संविधान में उल्लेखित मौलिक कर्तव्य : Fundamental duties in the Constitution of India

भारत के संविधान में दिये गए मौलिक कर्तव्य कुछ नैतिक और नागरिक कर्तव्यों का एक समूह हैं जो भारत के प्रत्येक नागरिक पर लागू होते हैं। मौलिक कर्तव्यों पर अध्याय 51A मूल संविधान का हिस्सा नहीं था, इसे सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों के आधार पर 42 वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम द्वारा 1976 में संविधान में सम्मिलित किया गया था। भारत के संविधान में मौलिक कर्तव्यों को सम्मिलित करने का विचार पूर्वी सोवियत संघ (USSR) के संविधान से प्रेरित है। मूलभूत कर्तव्यों का पालन करने के लिए न्यायालय किसी नागरिक को बाध्य नहीं कर सकता। हालांकि, हर नागरिक को मौलिक कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। भारत के संविधान में सूचीबद्ध मूलभूत कर्तव्यों को नीचे दिया गया है: Continue reading “भारत के संविधान में उल्लेखित मौलिक कर्तव्य : Fundamental duties in the Constitution of India”

भारतीय इतिहास 1857-1947 की महत्वपूर्ण तिथियाँ : Important Dates in Indian History

1857: पहला भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, मुंबई, कलकत्ता और मद्रास में विश्वविद्यालयों की   स्थापना

1858: ब्रिटिश सरकार ने ईस्ट इंडिया कंपनी से भारत के प्रशासन को लिया, क्वीन विक्टोरिया की उदघोषणा Continue reading “भारतीय इतिहास 1857-1947 की महत्वपूर्ण तिथियाँ : Important Dates in Indian History”

The Kannada flag, et cetera द हिंदू संपादकीय का सार : The Hindu Daily Editorial Summary 22-July-2017

The Kannada flag, et cetera कन्नड़ ध्वज, इत्यादि

  • भारत की अन्य भाषाओं पर हिंदी प्रभुत्व की बढ़ते हुई घटनाओं से चिंतित कई गैर हिंदी-भाषी राज्यों के निवासी अपना असंतोष विभिन्न से प्रकट कर रहे हैं। हाल ही में कर्नाटक सरकार के अपने झंडा होने की वैधता पर विचार करने का निर्णय ऐसी घटनाओं में से एक है।
  • कन्नड़ पहचान और अपने क्षेत्र की एकता के प्रतीक के रूप में विभिन्न उद्देश्यों के लिए झंडे का इस्तेमाल कर्नाटक के इतिहास में कई बार किया गया है। यह संघीय भारत के ढांचे का एक हिस्सा बन गया है। बेंगलुरु मेट्रो में हिंदी के संकेतों के इस्तेमाल की घटना और हिंदी को बढ़ावा देने के केंद्र सरकार के प्रयासों ने केवल आग में घी डालने का काम किया है।
  • अलगाव के इस डर को दूर करने के लिए क्या करना चाहिए –

क) इस मुद्दे पर सार्वजनिक चर्चाओं को बढ़ावा देने के ज़रिये भाषायी सह-अस्तित्व का माहौल बनाना चाहिए।

ख) अन्य भाषाओं के लिए सम्मान की भावना लोगों के बीच पैदा होनी चाहिए और वे जिस राज्य / क्षेत्र में रह रहे हैं, उसकी भाषा को उन्हें सिखाने की पहल को बढ़ावा देना चाहिए।

ग) सरकार और लोगों दोनों को मिल-जुलकार भाषायी विविधता बनाये रखने के लिए कदम उठाने होंगे ताकि भारत का हर नागरिक इसे खुशी से स्वीकार करे जो कि बदले में भारत को एक जीवंत संघ का रूप देगा।

  • The growing incidents of Hindi dominance over other languages of India are compelling residents of other non Hindi speaking States to show their resentment in many ways. The recent incident of Karnataka Government’s decision to look into the legality of having its own flag is one of many such incidents.
  • Flags have been used many a time in the history of Karnataka for different purposes as a symbol of Kannada identity and unity of the region. It has become a part of the framework of a federal India and incidents like the use of Hindi signs in Bengaluru metro and the Central Government’s efforts to promote Hindi have only added fuel to fire.
  • What needs to be done allay this fear of alienation –

a) creating an environment of linguistic coexistence by promoting public discussions on the issue

b) Feeling of respect for other languages to be inculcated among people and learning the language of the State/region they are living in should be promoted and

c) the Government and people both have to come together to make linguistic diversity be cherished by everybody which in turn would make India a living federation.